प्रताप जयंती पर मंत्री राज्यवर्धन सिंह बोले- अगली बार से समारोह का लाइव टेलीकास्ट करेंगे

Mewar News उदयपुर. केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और युवा एवं खेल मामलात मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने ऐलान किया कि अगली बार से प्रताप जयंती समारोह का देशभर में लाइव टेलीकास्ट किया जाएगा। ताकि देश-दुनिया मेवाड़ की माटी में मौजूद 450 साल पुरानी सामाजिक समरसता को देख सके। साराठौड़ शनिवार को प्रताप जयंती पर मेवाड़ क्षत्रीय महासभा और नगर निगम उदयपुर के निगम सभागार में हुए कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस दौरान गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि प्रताप ने संघर्षपूर्ण जीवन में भी दुनिया को दिखाया कि समरसता क्या चीज है।

मोबाइल से झूठी सूचनाएं भेज देश में जहर फैला रहे लोगों को रोकना होगा

साथ ही राठौड़ ने कहा कि सरहद पर तो सेना बाहरी दुश्मनों से हमारी रक्षा कर रही है, लेकिन देश के अंदर सोशल मीडिया से जहर फैलाने वालों को कौन रोकेगा? दिनों-दिन मोबाइल से फर्जी, झूठी सूचनाएं फैलाकर माहौल बिगाड़ने की घटनाएं बढ़ रही हैं, इन्हें रोकना होगा। ऐसे समय में युवाओं को महाराणा प्रताप से समरसता की सीख लेकर देश को आगे बढ़ाना चाहिए। बलिदानी मां पन्नाधाय, हकीम खां सूरी, भामाशाह, लौहारों को हटा दें तो प्रताप सर्वश्रेष्ठ प्रताप नहीं होते।

गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया के बयान पर बवाल

कटारिया : पन्ना ने उदयसिंह ही नहीं, राणा प्रताप को भी पाला

गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने महाराणा प्रताप की जयंती पर हुए समारोह में कहा कि पन्नाधाय ने सिर्फ उदयसिंह ही नहीं, महाराणा प्रताप को भी पाला और बढ़ाया। इस बयान के बाद बवाल खड़ा हो गया। मेवाड़ के सभी इतिहासकारों ने कटारिया के इस बयान को गलत और झूठ बताया।

इतिहासकार : यह बात सरासर गलत

पन्ना का प्रताप को पालने का सवाल पैदा नहीं होता

प्रो. राणावत इतिहासविद और भूविज्ञानी प्रो. पुष्पेंन्द्र सिंह राणावत बताते हैं कि पन्ना प्रताप की दादी महारानी कर्मावती के साथ आई दासी थीं। रानी कर्मावती की मौत के बाद उसने उदयसिंह को पाला था। क्योंकि, उदयसिंह की मां रानी कर्मावती ने 1535 में जौहर कर लिया था। प्रताप को पालने वाली धाय अगर कोई होती भी तो वह उनकी मां जयवंता बाई के साथ आने वाली दासी हो सकती थी।

दासी ही शिशु को दूध पिलाती, देखभाल करती थी

डॉ. शर्मा इतिहासविद डॉ. चंद्रशेखर शर्मा ने बताते हैं कि संबंधित रानी के साथ आने वाली दासी ही शिशु को दूध पिलाती थी। जो धाय मां कहलाती थीं। ऐसे में यह बात गलत है।

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