सुप्रीम कोर्ट – ताजमहल को संंरक्षण दो या बंद करो या ध्वस्त कर दो

केन्‍द्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार,कहा कि एफ़िल टॉवर को देखने 80 मिलियन लोग आते है, जबकि Taj Mahal के लिए मिलियन.

Taj Mahal को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार पर जमकर फटकार लगाई है. कोर्ट ने कहा, ताज को सरंक्षण दो या बंद कर दो या ध्वस्त कर दो. आप लोग ताजमहल को लेकर गंभीर नहीं है और न ही आपको इसकी परवाह है. ये देश का नुकसान है,हमारा ताजमहल ज्यादा खूबसूरत है और आप टूरिस्ट को लेकर गंभीर नहीं है.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा –

  • अगर ध्‍यान रखा जाता तो हमारी विदेशी मुद्रा की दिक्कत दूर हो जाती.
  • सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाया कि ताज ट्रैपेज़ियम जोन (TTZ) एरिया में उद्योग लगाने के लिए लोग आवेदन कर रहे है और उनके आवेदन पर विचार हो रहा है. ये आदेशों का उल्लंघन है.
  • TTZ की तरफ से कहा गया कि वो अब TTZ में कोई नई फैक्ट्री खोलने आई इजाजत नहीं देंगे.
  • अगर ASI का यही है कोर्ट में तो केंद्र सरकार को ताजमहल के रखरखाव के लिए किसी दूसरे विकल्प का तलाश करना होगा.

याचिकाकर्ता MC मेहता ने कहा कि यमुना में पानी गंदा है. पहले मछलियां होती थी जो काई को खाती थीं. सरकार बैराज बना रही हैं जिसके कारण यमुना में पानी कम है केंद्र सरकार को चार हफ्ते में जवाब देने को कहा गया कि केंद्र यमुना पर कितने बैराज बना रही है. वहीं UP Goverment को जुलाई में ताजमहल को सदियों तक सुरक्षित रखने के Vision डॉक्यूमनेट देना है.

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Taj Mahal

9 मई को ताजमहल के रंग बदलने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने ASI को फटकार लगाई थी।  सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 22 साल बाद भी कुछ नहीं हुआ,1996 में ताजमहल को लेकर आदेश जारी किया.कोर्ट ने कहा कि ASI समझना नहीं चाहता कि ताजमहल में समस्या है? ASI ने कहा कि ताजमहल पर काई उड़कर जमा हो रही है,पर सुप्रीम कोर्ट नाराज हुआ सुप्रीम कोर्ट ने ASI को फटकार लगते हुए पूछा कि ताजमहल को काई कैसे नुकसान पहुंचा सकते है. कोर्ट ने कहा कि क्या काई के पास पंख होते है जो उड़कर ताज़महल पर जा कर बैठ जाती है. कोर्ट ने ASI को कहा कि इसका मतलब है कि उनके पास पंख है जिससे वो उड़ कर चले जाते है.  

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